Varanasi:मुगलों के जमाने की 400 साल पुरानी गुलाबी मीनाकारी बीमार,अटका लाखो का ऑर्डर जानें क्यों
वाराणसी: दिवाली से लगातार चांदी के भाव में तेजी का दौर जारी है.यह तेजी जनवरी महीने में सबसे ज्यादा देखने को मिली.हालांकि फिर इसके भाव में भारी गिरावट भी आई.लगातार उतार चढ़ाव का सीधा असर काशी के 400 साल पुराने गुलाबी मीनाकारी पर पड़ा है.भाव में उतार चढ़ाव के कारण कारीगरों के लाखों के ऑर्डर अटक गए है.बीते 3 महीनों से ऐसी स्तिथि बनी हुई है.
गुलाबी मीनाकारी के नेशनल अवार्डी रमेश कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि चांदी के दाम पहले तो आसमान पर चढ़ें फिर अचानक बाजार क्रैश हुआ और अब कभी 10 हजार तो कभी 15 हजार का उतार चढ़ाव लगातार बाजार में बना हुआ है.ऐसे में ऑर्डर के वक्त चांदी का भाव कुछ और और डिलीवरी के समय इसका भाव कुछ और है जिसके कारण गुलाबी मीनाकारी के कारीगरों को भारी नुकसान भी उठाना पड़ रहा है.
जितना मेटल उतना ऑर्डर
उन्होंने कहा कि जब तक चांदी के भाव में भारी उतार चढ़ाव का दौर जारी रहेगा तब तक बाजार थोड़ा मंदा रहेगा.रमेश कुमार ने बताया फिलहाल कारीगरों के पास गुलाबी मीनाकारी के ज्वेलरी सहित दूसरे आइटम की डिमांड तो है लेकिन कारीगर सिर्फ उतना ही ऑर्डर लें रहें है जितना उनके पास मेटल उपलब्ध है.
400 साल पुरानी है कलाकारी
गुलाबी मीनाकारी बनारस की 400 साल से अधिक पुराना हस्तशिल्प है.जिसे वाराणसी के गाय घाट इलाके में कुछ गिने चुने परिवार इस काम को करते है.मुगलों के जमाने की इस कलाकारी में चांदी के कुछ खास चींजों पर गुलाबी मीनाकारी का रंग भरा जाता है.बीते कुछ सालों में काशी के इस गुलाबी मीनाकारी की चमक पूरी दुनिया ने देखी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इसके ब्रांड एम्बेसडर बनें है.उन्होंने गुलाबी मीनाकारी से बने कई खास समानों को अलग अलग देशों के राष्ट्राध्यक्ष को भेंट किया है.
admin