Ganesh Utsav:काशी में विराजेंगे सिद्धि विनायक, 4 दशक से ये परिवार तैयार कर रहा प्रतिमा, जाने मान्यता
Varanasi : धर्म नगरी काशी में गणेश उत्सव की तैयारियां शुरू हो गई है. इस उत्सव के बीच काशी में अलग ही रंग देखने को मिलता है. भोले की नगरी काशी में गणेश उत्सव को लेकर एक ओर जहां मूर्तिकार प्रतिमाओं को अंतिम रूप दें रहें है तो वहीं दूसरी तरफ आयोजक भी जोर शोर से तैयारियों मे जुटी है.इस बार गणेश उत्सव में काशी में भक्तों को सिद्धि विनायक दर्शन देंगें.
वाराणसी में मुंबई के सिद्धि विनायक के तर्ज पर मूर्तिकार प्रतिमा को तैयार करने में जुटे है.शहर के शारदा भवन में होने वाले गणेश उत्सव में भक्तों को 7 दिनों तक इनके दर्शन होंगे.बीते करीब 40 सालों से वाराणसी के प्रसिद्ध मूर्तिकार रहें बद्री प्रसाद का परिवार इस खास प्रतिमा को तैयार कर रहें है.
गंगा की माटी से तैयार होती है प्रतिमा
गंगा की शुद्ध माटी से सिद्धि विनायक के स्वरूप वाले प्रतिमा को तैयार किया जाता है.इस प्रतिमा की ऊंचाई 15 इंच के करीब होती है. इसे तैयार करने में करीब 15 दिन का वक्त लगता है. मूर्तिकार अभिषेक प्रजापति ने बताया की अब उनके पिता नहीं है तो परम्परा को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने इस बार शारदा भवन में विराजने वाले सिद्धि विनायक की प्रतिमा को तैयार किया है.
ऐसे तैयार होती है प्रतिमा
इस मूर्ति को अलग अलग स्टेप्स में तैयार किया जाता है. पहले इसका स्ट्रक्चर बनाया जाता है फिर उसे सूखने के बाद मिट्ठी से गणपति की आकृति को स्वरूप देते है. इसके बाद फिर पेंटिंग के बाद इसे फाइनल रूप दिया जाता है.इस पुरे प्रोसेस में करीब 15 दिनों का वक्त लगता है. बताते चलें की काशी में गणेश उत्सव का इतिहास 100 साल से भी अधिक पुराना है.कई मराठा परिवार महाराष्ट्र के तर्ज पर यहां इस उत्सव को मनाते है. शहर के अलग अलग इलाकों में कई सार्वजनिक पंडालो में गणेश उत्सव मनाया जाता है.
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