Mahashivratri:काशी में बाबा विश्वनाथ को लगी हल्दी,विवाह की रस्में शुरू गूंजने लगे मंगलगीत,महाशिवरात्रि पर निकलेगी बारात
वाराणसी : देवाधिदेव महादेव के शहर बनारस में उनके विवाह की रस्मे शुरू हो गई है.महंत आवास पर सगुन के हल्दी के साथ इसकी शुरुआत हुई है.शुक्रवार की शाम को लिंगिया महाराज ने डमरू के डम डम की आवाज के बीच सगुन के 52 थाल और विशेष हल्दी लेकर काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत के आवास पहुंचें.इस दौरान शंख के शंखनाद की ध्वनि भी गूंजती रही.
इसके बाद महंत आवास पर हल्दी की रस्म भी शुरू हुई.इसके साथ ही मंगलगीत भी गूंजने लगे हैं.उधर,रविवार (महाशिवरात्रि) को काशी में बाबा विश्वनाथ की भव्य बारात भी निकलेगी इसकी तैयारियां भी जोरों पर है.इस बार बाबा विश्वनाथ अपने बारात में राजश्री स्वरूप में नजर आएंगे.
भक्तों ने चढ़ाई हल्दी
महंत आवास पर शिव भक्तों ने भी बाबा के पंचबदन प्रतिमा को हल्दी लगाई.इस दौरान काशी नगरी शिवमय हो उठी.हल्दी अनुष्ठान के दौरान महिलाओं के कंठ से निकले मंगलस्वर 'पीली-पीली हल्दी भोला के लगावा सखी,
जल्दी-जल्दी अड़भंगी के भस्म छुड़ावा सखी' के साथ ही अन्य लोकगीत महंत आवास पर गूंजते रहें.
52 थालों में सजी श्रद्धा
लिंगिया महाराज के आवास से निकली विशेष शोभायात्रा में 52 थालों में सजा चढ़ावा बाबा विश्वनाथ को अर्पित किया गया.इन थालों में हल्दी,चंदन,फल,मेवा और मांगलिक सामग्री सजाई गई थी.
पंचबदन प्रतिमा का हुआ विशेष श्रृंगार
हल्दी की रस्म के बाद बाबा के पंचबदन प्रतिमा का विशेष श्रृंगार भी हुआ.आयोजन से जुड़े संजीव रत्न मिश्र ने पारंपरिक आभूषणों और पुष्पमालाओं से बाबा का विशेष श्रृंगार आज किया गया है.इसके साथ ही ल नवरत्न जड़ित छत्र का भी विधिवत पूजन किया गया है. 11 वैदिक ब्राह्मणों ने पूरे विधि-विधान से इस पूजन को संपन्न कराया है.
महाशिवरात्रि पर निकलेगी बारात
महाशिवरात्रि पर काशी में बाबा विश्वनाथ की बारात निकलेगी. इस बारात में देवी, देवता,भूत,पिचाश सभी शामिल होंगे.काशी वासी भी खुद बाबा के बारात में बाराती बनेंगे.सुबह बारात और रात में भगवान भोले संग माता गौरा का विवाह होगा.
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