वैलेंटाइन डे भारतीय सभ्यता और संस्कृति वाला त्योहार नहीं है इसे न मनाएं: अरुण

वैलेंटाइन डे भारतीय सभ्यता और संस्कृति वाला त्योहार नहीं है इसे न मनाएं: अरुण

वाराणसी l अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष अरुण पाठक ने वैलेंटाइन डे को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि वैलेंटाइन डे भारतीय सभ्यता और संस्कृति का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह पश्चिमी प्रभाव का परिणाम है, जो युवाओं को अपनी परंपराओं से दूर कर रहा है।

अरुण पाठक ने कहा कि भारत की संस्कृति प्रेम, सम्मान और पारिवारिक मूल्यों पर आधारित है, जहां रिश्तों को एक दिन विशेष तक सीमित नहीं किया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि वैलेंटाइन डे के नाम पर बाज़ारवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है और युवाओं को दिखावटी संस्कृति की ओर प्रेरित किया जा रहा है। उनका कहना था कि भारतीय समाज में प्रेम का स्वरूप पवित्र और मर्यादित रहा है, जिसे किसी एक दिन के उत्सव में बांधना उचित नहीं है।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे भारतीय परंपराओं और संस्कारों को प्राथमिकता दें तथा विदेशी त्योहारों की बजाय अपने सांस्कृतिक पर्वों को उत्साह के साथ मनाएं। पाठक ने कहा कि संगठन विभिन्न स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को भारतीय संस्कृति के प्रति सचेत करेगा।

हालांकि, समाज के कुछ वर्गों का मानना है कि वैलेंटाइन डे को व्यक्तिगत पसंद के तौर पर देखा जाना चाहिए और इसे लेकर विरोध या समर्थन व्यक्ति की स्वतंत्रता का विषय है।