Varanasi: ऊर्जामंत्री के बयान 'ट्रांसफार्मर फूंकेगा तो अधिकारी भी फूंकेगा', का बिजलीकर्मियों ने किया विरोध

वाराणसी l वाराणसी में राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन उत्तर प्रदेश की आकस्मिक बैठक एम डी कैंपस स्थित संगठन कार्यालय में संपन्न हुई। बैठक में राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन उत्तर प्रदेश के केंद्रीय अध्यक्ष इं. अजय कुमार एवं ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ पावर डिप्लोमा इंजीनियर्स अतिरिक्त राष्ट्रीय महासचिव इं. जयप्रकाश ने एक सुर में ऊर्जामंत्री के बयान 'ट्रांसफार्मर फूंकेगा तो उसके साथ एक अधिकारी भी फूंकेगा' पर कड़ी आपत्ति जताई।
केंद्रीय अध्यक्ष ने आशंका व्यक्त किया की इस प्रकार के बयान से क्षेत्र में मॉब लीचिंग की कोई भी घटना घट सकती है। अतः ऊर्जा मंत्री को शीघ्र अपने बयान का खंडन करना चाहिए।नहीं तो क्षेत्र में ट्रांसफार्मर के जलने पर कोई भी मॉब लीचिंग की घटना घटित होती है तो उसकी समस्त जिम्मेदारी ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा जी की होगी।
उन्होंने पूर्वांचल के साथियों से आह्वान किया कि दिनांक 1 अप्रैल 2025 से प्रारंभ होने वाले चरणबद्ध आंदोलन को धरातल पर लागू कराए। इं. जय प्रकाश ने निजीकरण की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ने का संकल्प दिलाया तथा पूर्वांचल डिस्कॉम के मुखिया प्रबंध निदेशक को चेताया कि संगठन के सदस्यों का उत्पीड़न बंद करें। पूर्वांचल संरक्षक इं. अवधेश मिश्रा ने सुरक्षा उपकरणों की अनुपलब्धता एवं संविदाकर्मियों द्वारा सुरक्षा नियमों का पालन न करने की स्थिति के कारण होने वाली दुर्घटनाओं का जिम्मेदार केवल अवर अभियंता एवं प्रोन्नत अभियंताओं को बनाया जा रहा है, जो कि अत्यंत निंदनीय है। प्रबंधन को तत्काल गलती सुधारने की जरूरत है अन्यथा की स्थिति में संगठन की आंदोलन जैसे अप्रिय निर्णय लेना बाध्यता होगी।
आकस्मिक बैठक में इं. रत्नेश सेठ, इं. उपेंद्र कुमार, इं. दीपक गुप्ता, इं. नीरज बिंद, इं. अनिल शुक्ला, इं. अभिषेक मौर्या, इं. नीरज बिंद, इं. प्रमोद कुमार, इं. अमित श्रीवास्तव, इं. मनीष राय, गुलाब चन्द, लाल व्रत, सतीश बिन्द, रामाशीष, नवनीत यादव, जफर इकबाल, विकास दुबे, वेद प्रकाश तिवारी इत्यादि समस्त सदस्य उपस्थित रहे।