एसआईआर कार्य में लगे सफाईकर्मी पर हमले और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में मिली अंतरिम जमानत

एसआईआर कार्य में लगे सफाईकर्मी पर हमले और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में मिली अंतरिम जमानत

वाराणसी : एसआईआर कार्य में लगे सफाईकर्मी को सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने की नियत से जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उस पर हमला करने के मामले में आरोपित को बड़ी राहत मिल गई। विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) संध्या श्रीवास्तव ने टिसौरा, चोलापुर निवासी संतोष सिंह को 25 हजार रुपए के एक जमानतदार और बंधपत्र देने पर अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही नियमित जमानत के लिए अगली तिथि 13 मार्च नियत कर दी। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विकास सिंह, अमनदीप सिंह व अखिलेश सिंह ने पक्ष रखा। 

अभियोजन पक्ष के अनुसार सैदपुर, गाजीपुर निवासी सफाईकर्मी मुन्नर राम ने 10 फरवरी 2026 को चोलापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि वह सफाईकर्मी के पद पर ग्राम पंचायत टिसौरा विकास खण्ड चोलापुर में कार्यरत है। इस दौरान 10 फरवरी 2026 को उसकी ड्यूटी पंचायत निर्वाचन नामावली में डु प्लीकेट मतदातों के सत्यापन के लिए बीएलओ बन्दना यादव के साथ सहायतार्थ लगाई गयी थी। इस दौरान जब वह संतोष सिंह पुत्र जटाशंकर सिंह के घर जाकर मकान संख्या 93 क्रम संख्या 762 पर अंकित उपरोक्त व्यक्ति से आधार कार्ड का नम्बर मांगा तो संतोष सिंह ‌द्वारा उसका जाति व नाम पूछा गया।

जिस पर उसने जैसे ही अपना नाम मुन्नर राम सफाईकर्मी व जाति चमार बताया, इतने में संतोष सिंह द्वारा उसे जातिसूचक शब्द चमार सियार एवं माँ-बहन की भद्दी-भद्दी गाली देने लगे और कहने लगे की मैं तुम्हे अपना डिटेल क्यो दूं और पुनः गाली देकर मारने लगे। किसी तरह जब वह वहां से जान बचाकर भागा तो उसकी स्कूटी की चाभी छीन लिए एवं धमकाने लगे कि थाना पुलिस मुकदमा करो में तो जान से मार दूँगा। किसी तरह लोगो के द्वारा बीचबचाव करने पर उसकी जान बची और स्कूटी की चाभी वापस मिली। इस मामले में पुलिस ने संतोष सिंह के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, दलित उत्पीड़न समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इसी मामले में आरोपित ने अपने अधिवक्ताओं के जरिए कोर्ट में समर्पण कर जमानत के लिए अर्जी दी थी